दिल्ली एनसीआर मे AQI 440 के पार, साफ हवा के लिए हाहाकार
दिल्ली‑एनसीआर में शनिवार को फिर वायु प्रदूषण अपने चरम पर पहुंच गया. चारों ओर सिर्फ धुंध की मोटी चादर नजर आ रही है. हवा ने ‘खतरनाक’ स्तर को छू लिया है. राष्ट्रीय राजधानी और एनसीआर में शनिवार को वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई और यह ‘गंभीर’ श्रेणी के करीब पहुंच गई, जहां औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 385 दर्ज किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही, शहरभर में कम से कम 20 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों ने गंभीर श्रेणी में दर्ज कीं. दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक शाम चार बजे 385 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है, जबकि शुक्रवार को यह 332 था।
दिल्ली‑एनसीआर में वायु प्रदूषण चरम पर पहुंच गया है. एक्यूआई 385 दर्ज किया गया. आनंद विहार में 448, जबकि नोएडा में एक्यूआई 417 रहा. झज्जर का योगदान 17.5 प्रतिशत रहा. आईएमडी ने घनी धुंध और ठंड का अनुमान जताया. आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में रहने की आशंका है।
दिल्ली‑एनसीआर में शनिवार को फिर वायु प्रदूषण अपने चरम पर पहुंच गया. चारों ओर सिर्फ धुंध की मोटी चादर नजर आ रही है. हवा ने ‘खतरनाक’ स्तर को छू लिया है. राष्ट्रीय राजधानी और एनसीआर में शनिवार को वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई और यह ‘गंभीर’ श्रेणी के करीब पहुंच गई, जहां औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 385 दर्ज किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही, शहरभर में कम से कम 20 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों ने गंभीर श्रेणी में दर्ज कीं. दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक शाम चार बजे 385 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है, जबकि शुक्रवार को यह 332 था।
दिल्ली में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ा है. (एएनआई) सीपीसीबी के अनुसार बृहस्पतिवार को शाम चार बजे एक्यूआई 234 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है. शहर में बुधवार और बृहस्पतिवार को हवा की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रही, लेकिन शुक्रवार से प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ने लगा और एक्यूआई गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच गई. राजधानी में स्थित 40 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 20 केंद्रों पर एक्यूआई 400 से ऊपर दर्ज किया गया।
सीपीसीबी के ‘समीर ऐप’ के आंकड़ों के अनुसार, नोएडा में 417, आनंद विहार में 448, अशोक विहार में 417, चांदनी चौक में 415, द्वारका में 414 और आईटीओ में 411 AQI रिकॉर्ड किया गया. सीपीसीबी के अनुसार, एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) के आंकड़ों से पता चला कि शनिवार को दिल्ली में प्रदूषण के कुल स्तर में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन का सबसे बड़ा योगदान था, जो 16.2 प्रतिशत था. इसके बाद दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में उद्योगों से होने वाला उत्सर्जन (8.5 प्रतिशत), आवासीय उत्सर्जन (4 प्रतिशत) और बायोमास जलाने से होने वाला उत्सर्जन (1.6 प्रतिशत) रहा।