कार्पोरेट गुंडों व बड़ी टेक कम्पनियों द्वारा गाजियाबाद के युवक का शोषण
दिल्ली एनसीआर के गाजियाबाद के रहने वाले एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसे कॉर्पोरेट गुंडों और बड़ी तकनीकी कंपनियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। युवक का दावा है कि उसके पूर्व नियोक्ता कम्पनी के महाप्रबंधक ने उसके खिलाफ दिल्ली पुलिस में फर्जी शिकायत दर्ज कराई थी, जो बाद में झूठी साबित हुई।
दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस वार्ता के दौरान गाज़ियाबाद निवासी जतिन पाहवा ने अपने नियोक्ता प्रतिष्ठानों/कंपनियों के ऊपर नौकरियों में शोषण करने का आरोप लगाया है, उन्होंने दिल्ली पुलिस, डीजीपी उतर प्रदेश एवं सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं सबसे महत्वपूर्ण अपील की भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के ऑफिस के नीचे कार्यरत पूरे न्यायपालिका के न्यायव्यवस्था सेसे न्याय करने की गुहार लगाई है।
उनका आरोप है कि साइबर हमलों, वित्तीय नुकसान और जान के खतरे से जुड़ी शिकायतों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई या फॉलो-अप नहीं हुआ। उन्होंने इस बाबत संबंधित मंत्रालयों अधिकारियों से भी गुहार लगा चुके है, उन्होंने न्याय की मांग करते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने हमसे क्या कुछ कहा चलिए जानते हैं।

भुक्तभोगी युवक ने बताया कि शिकायत खारिज होने के बाद, 8 मार्च 2024 को महा शिवरात्रि के दिन, सीआईएसएफ मुख्यालय इंदिरापुरम के गेट के सामने उसकी कार पर जानलेवा हमला किया गया। हमले में उसकी कार क्षतिग्रस्त हो गई और उसे चेहरे और गले में कांच के टुकड़े लगने से घायल हो गया। युवक ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे कॉर्पोरेट गुंडों का हाथ है, जो उसे नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। उसने बताया कि उसने बीमा दावा किया था, लेकिन इंश्योरेंस कंपनी ने क्लेम अप्रूव नहीं किया, क्योंकि यूके पुलिस स्टेशन से अप्रूवल नहीं मिला था। युवक ने न्यायपालिका और अधिवक्ताओं से न्याय की मांग की है और कहा है कि वह अपने अधिकारों के लिए लड़ता रहेगा।