राहुल गांधी पहुंचे इंदौर, कहा "हवा, दवा, जमीन में जहर, जवाब मांगो तो चलेगा बुलडोजर"

राहुल गांधी पहुंचे इंदौर, कहा  "हवा, दवा, जमीन में जहर, जवाब मांगो तो चलेगा बुलडोजर"

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे। उन्होंने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से बीमार हुए मरीजों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग बीमार पड़ गए थे। राहुल गांधी ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।

राहुल गांधी के भागीरथपुरा पहुंचने पर व्यवस्थाएं चरमरा गईं। संकरी गलियों में राहुल गांधी का पैदल चलना भी दूभर हो गया। मीडियाकर्मियों और आम लोगों की मौजूद भीड़ के कारण राहुल गांधी थोड़े असहज दिखे। सुरक्षाकर्मियों के भी इस दौरान हाथ-पैर फूल गए। आलम यह था कि वह अस्पताल में भी 15 मिनट ही रुके। बड़ी बात यह है कि सुरक्षा एजेंसियों ने राहुल गांधी के दौरे को लेकर बनाए गए रूट पर पहले ही आपत्ति जताई थी, जिसे कांग्रेस नेताओं ने नजरअंदाज कर दिया।

राहुल गांधी सुबह दिल्ली से विशेष विमान से इंदौर पहुंचे। वह एयरपोर्ट से सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल गए। वहां उन्होंने इलाज करा रहे मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने गंभीर मरीजों के परिजनों से भी बात की और उनकी हालत जानी। उन्होंने मृतकों के स्वजन को एक-एक लाख रुपये के चेक भी सौंपे। इस दौरान उनके साथ एमपी कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे।

भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'जिन लोगों ने यह किया, सरकार में कोई न कोई इसके लिए जिम्मेदार होगा। सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए, यह सरकार की लापरवाही की वजह से हुआ है।'

इसके बाद राहुल गांधी ने मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए कहा कि इस लापरवाही का कोई तो जिम्मेदार होगा। आज भी यहां पर साफ पानी नहीं मिल रहा है। गंदा पानी पीने से लोगों की जान गई है। सरकार को इनकी मदद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कहा जाता था कि देश को स्मार्ट सिटी दिए जाएंगे। ये कैसे स्मार्ट सिटी हैं, इसमें पीने का पानी नहीं है। लोगों को डराया जा रहा है। इंदौर में साफ पानी नहीं मिल सकता है, पानी पीकर लोग मर गए। ये है अर्बन मॉडल।

राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा सिर्फ इंदौर में नहीं है, अलग-अलग शहरों में ऐसे हालात हैं। राहुल ने आगे कहा कि मैं विपक्ष का नेता हूं। यहां पर लोगों की मृत्यु हुई है। यहां पर लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। मैं उनका मुद्दा उठाने आया हूं, उनकी मदद करने आया हूं। इसमें कोई गलत काम नहीं है। मेरी जिम्मेदारी बनती है कि हमारे देश में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। मैं इनकी मदद करने, इनके साथ खड़े होने आया हूं। आप इसे राजनीति, या जो भी चाहे कह लीजिए, मुझे फर्क नहीं पड़ता। XYZ