ट्रम्प बोले- एहसान फरामोश है डेनमार्क
दावोस के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि 2019 में डेनमार्क ने कहा था कि वह ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए लाखों डॉलर खर्च करने के लिए तैयार है. अमेरिका इस बर्फ के टुकड़े की रक्षा कर सकता है. ये यूरोप के लिए भी अच्छा है.उन्होंने कहा कि हमारी बातचीत में हिस्सा बनें.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप स्विट्जरलैंड पहुंचे हैं। यहां उन्होंने विश्व नेताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों से मुलाकात की। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ट्रंप का भाषण तय समय पर शुरू हुआ। एयर फोर्स वन में तकनीकी दिक्कत के बावजूद ट्रंप समय पर दावोस पहुंचे। भाषण स्थल पर लोगों की भारी भीड़ देखी गई। ट्रंप के मंच पर आते ही तालियों से स्वागत हुआ। हालांकि भाषण के दोरान स्थल के बाहर ट्रंप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी चल रहा था।
उन्होंने डेनमार्क को एहसान फरामोश करार देते हुए कहा कि अमेरिका दशकों से यूरोप और नाटो की सुरक्षा करता आया है, लेकिन बदले में उसे सम्मान नहीं मिला। ट्रंप ने दावा किया कि वैश्विक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण जरूरी है। ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। उनके मुताबिक यह इलाका मिसाइल चेतावनी प्रणाली और आर्कटिक क्षेत्र की निगरानी के लिहाज से रणनीतिक है।
उन्होंने बिना ठोस सबूत यह भी कहा कि वहां रूसी और चीनी गतिविधियां बढ़ रही हैं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिका ही इस विशाल बर्फीले भूभाग की सही तरीके से रक्षा कर सकता है।। ट्रंप ने नाटो और यूरोपीय देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका सबसे ज्यादा योगदान देता है, लेकिन बदले में उसे कुछ नहीं मिलता। उन्होंने दावा किया कि अगर वह न होते तो नाटो कमजोर पड़ जाता।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह दावा भ्रामक है, क्योंकि 9/11 के बाद नाटो ने अमेरिका की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई और कई देशों ने अफगानिस्तान में सैनिक भी भेजे थे।
ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर साफ संदेश देते हुए कहा कि अगर ग्रीनलैंड और उसके सहयोगी अमेरिका की बात मानते हैं तो अच्छा होगा, और अगर नहीं मानते तो अमेरिका इसे याद रखेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते और बातचीत के जरिए ही ग्रीनलैंड को हासिल करना चाहते हैं। इसके बावजूद टैरिफ और दबाव की उनकी नीति ने यूरोप की चिंता बढ़ा दी है।
दावोस में भाषण के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड को सुरक्षित रखने की क्षमता केवल अमेरिका के पास है। उन्होंने दावा किया कि पिछले करीब 200 वर्षों से अमेरिकी राष्ट्रपति ग्रीनलैंड खरीदने की कोशिश करते रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि द्वीप पर डेनमार्क की मौजूदगी के कोई ठोस संकेत नहीं हैं और डेनमार्क वहां उतना निवेश भी नहीं कर रहा, जितना उसने वादा किया था। उन्होंने ग्रीनलैंड को एक विशाल बर्फीला भूभाग बताते हुए कहा कि अमेरिका ही इसका विकास और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है, इसी वजह से वे तत्काल बातचीत चाहते हैं। TNI