संघर्ष जारी रखें, इनके जुल्मों का हिसाब करेंगे - रेजा पहलवी
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बीच ईरान के निर्वासित युवराज रेजा पहलवी लगातार केंद्र में बने हुए हैं। वे प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहे हैं और उन्हें सड़कों पर बने रहने की अपील कर रहे हैं। अब ताजा संदेश में रेजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से संघर्ष जारी रखने की अपील की। उन्होंने ईरान की सरकार को चेतावनी दी कि जल्द ही इनके जुल्मों का हिसाब किया जाएगा। साथ ही उन्होंने ईरान की सेना से भी अपील की है कि वे प्रदर्शनकारियों का साथ दें क्योंकि उनके पास ज्यादा समय नहीं बचा है।
निर्वासित युवराज रेजा पहलवी ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में लिखा, 'मेरे देशवासियों, दुनिया अब आपकी आवाज और हिम्मत को सुन ही नहीं रही बल्कि इसका जवाब भी दे रही है। अभी आपने अमेरिका के राष्ट्रपति का संदेश सुना होगा कि मदद रास्ते में है। संघर्ष जारी रखें, जो आपने अभी तक किया है। इस सरकार को ऐसा भ्रम पैदा न करने दें कि सबकुछ सामान्य है। इस पूरे नरसंहार के बाद हमारे और इस सरकार के बीच खून का दरिया है। इन अपराधियों के नाम बचाकर रखें क्योंकि इन्हें इसकी सजा जरूर दी जाएगी।'
रेजा पहलवी ने ईरान की सेना से भी अपील की और कहा कि वे ईरान की सेना हैं न कि इस्लामिक गणराज्य की सेना। उन्होंने सेना से कहा कि अब उनके पास ज्यादा समय नहीं बचा है, इसलिए जितना जल्दी संभव हो सके, प्रदर्शनकारियों का साथ दें। रेजा पहलवी ईरान के अंतिम शाह के बेटे हैं। साल 1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद शाह की सत्ता चली गई और उसके बाद से रेजा पहलवी निर्वासन में ही रह रहे हैं।
ईरान में दिसंबर के अंतिम दिनों में आर्थिक संकट के चलते शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन जारी है और अब तक इस प्रदर्शन में दो हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि 'मदद आ रही है' और उन्होंने ईरान में रह रहे अमेरिकियों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है।

ट्रंप के इस बयान के बाद कयास लग रहे हैं कि अमेरिका जल्द ईरान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकता है। आर्थिक संकट में फंसे ईरान को घेरने के लिए ट्रंप ने एक और बड़ा कदम उठाया है। दरअसल ट्रंप ने घोषणा की कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उसे अमेरिका के साथ व्यापार करने पर 25% अतिरिक्त आयात शुल्क चुकाना होगा। इस आदेश का सीधा असर उन देशों पर पड़ेगा जो ईरान से तेल खरीदते हैं, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। XYZ