मोदी सरकार ने ठान लिया है कि विपक्ष के नेताओं की आवाज को दबाना है- खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष ने सत्ता पक्ष द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों के प्रति इस्तेमाल की गई भाषा पर जताई कड़ी आपत्ति कहा- प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के सामने घुटने टेके, ट्रंप के दबाव में आकर देश के किसानों के हितों का बलिदान किया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर संसद में विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने और तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष के लगातार कहने के बावजूद पिछले चार दिनों से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा। मोदी सरकार ने ठान लिया है कि लोकसभा और राज्यसभा में दोनों नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं देना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने के दौरान विपक्षी दलों के सांसदों के साथ वॉकआउट करने के बाद राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्ष संसद में लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, युवाओं के रोजगार और ट्रंप के बयान पर अपनी बात रखना चाहता था। सभी विपक्षी दलों ने ये तय किया था कि अगर लोकसभा में नेता विपक्ष को बोलने दिया गया, तो वह प्रधानमंत्री की बात जरूर सुनेंगे। लेकिन सत्ता पक्ष ने जानबूझकर दोनों सदनों में विपक्ष के नेताओं को बोलने से रोका। सत्ता पक्ष ने ठान लिया है कि विपक्ष के नेताओं की आवाज को दबाना है। खरगे ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आकर देश के किसानों के हितों का बलिदान कर दिया है। उन्होंने कहा कि जो ट्रंप कहते हैं, मोदी वही करते हैं। मोदी ने ट्रंप के सामने अपने घुटने टेक दिए हैं। खरगे ने सदन में सत्ता पक्ष द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों के प्रति इस्तेमाल की गई भाषा पर भी कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि देश के लिए कुर्बानियां देने वाले और देश को आजादी दिलाने वाले महान नेताओं के लिए संसद में एक व्यक्ति द्वारा अपशब्द कहे जाते हैं, उसे माइक दिया जाता है और पूरा सत्ता पक्ष चुपचाप सुनता है। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आधुनिक भारत बनाया और इंदिरा गांधी जी ने देश में एक नई जागृति पैदा की।
उन्होंने चेतावनी दी कि महापुरुषों के इस अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हमारे नेताओं का अपमान करती है और विपक्ष को अपनी बात रखने नहीं देती, इसलिए विपक्ष ने इसकी निंदा की और सदन से वॉकआउट किया।