सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी समूह से जुड़े मामले में सीबीआई व ईडी से रिपोर्ट तलब की

सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी समूह से जुड़े मामले में सीबीआई व ईडी से रिपोर्ट तलब की

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनियों और उनके प्रमोटर अनिल अंबानी से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामलों की जांच को लेकर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने दोनों केंद्रीय एजेंसियों को अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश करने का निर्देश दिया है। पीठ पूर्व केंद्रीय सचिव ईएएस सरमा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दलील दी कि अनिल अंबानी समूह की कंपनियों का डेढ़ लाख लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बट्टे खाते में डाला गया और कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से धन की हेराफेरी की गई। उन्होंने इसे देश का अब तक का सबसे बड़ा बैंक ऋण घोटाला बताया। भूषण ने अदालत को यह भी बताया कि नवंबर में नोटिस जारी होने के बावजूद अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों ने अब तक अदालत में पेशी नहीं की है।

इस पर पीठ ने कहा कि न्याय के हित में उन्हें अंतिम अवसर दिया जा रहा है और बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को ताजा नोटिस की तामील सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। याचिका में कहा गया है कि 2013 से 2017 के बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम से रिलायंस कम्युनिकेशंस और समूह की अन्य कंपनियों को लगभग 31580 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए। एसबीआई द्वारा कराए गए फॉरेंसिक ऑडिट में हजारों करोड़ रुपये के डायवर्जन और संदिग्ध लेनदेन सामने आए लेकिन औपचारिक शिकायत कई साल बाद दर्ज की गई।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि फॉरेंसिक ऑडिट के आधार पर ही सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की है और धन के दुरुपयोग के संकेत मिले हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मौजूदा जांच सीमित है और इसमें बैंक अधिकारियों व अन्य की भूमिका को नजरअंदाज किया गया है। याचिकाकर्ता ने निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए न्यायिक निगरानी की मांग की है।